शुक्रवार, 9 दिसंबर 2016

अहसास -50 -जी ले जरा .......

जी ले जरा ,
इन आंसूओं को ,
पी ले जरा ,हंसी में मिला तू ,
यह दूरियां ,नज़दीकियां ,
बन जाएँगी , एक दिन जरूर ,
तू हौसला ,खुद पे यकीं,
न छोड़ना , लेके जूनून,
जी ले जरा........ जी ले  जरा  .....

धीरे -धीरे, यह आंच जो  दिल में तेरे, है जल रही ,
बुझने न  देना , देके हवा, चाहे जो कर , हर बार ही ,
थम जा जरा ,लपटों में  बदलेगी, एक दिन जरूर ,
तू हौसला ,खुद पे यकीं,
न छोड़ना , लेके जूनून,

जी ले जरा........ जी ले  जरा  ....

आसमां के ,नीले रंग जैसा, फैलेगा तेरा रंग
सूरज के जैसा ,चमकेगा ,तारों को लेके संग ,
चारो दिशाओं और पंच  तत्वों से मिलके गूंजे जरूर ,
तू हौसला ,खुद पे यकीं,
न छोड़ना , लेके जूनून,
जी ले जरा........ जी ले  जरा  ..... 

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