रविवार, 21 अगस्त 2016

अहसास -26 - माया

माया है ये,  तू न पाए, समझ  यह
दिखता  है कुछ और  सुनाता  फर्क यह ,
धोखा है पग पग पे ,
बहता है रग रग में ,
चेहरे पे हर  एक चेहरा चढ़ा यह।

माया है ये,  तू न पाए, समझ  यह
दिखता  है कुछ और  सुनाता  फर्क यह.

जंजीरें जो थी बांधी  तूने, उनको तोड़ दे,
राहों पे तू रुक न चलता रह ,राहें मोड़ दे ,
होठो की तिश्नगी ,बढ़ने जो लगी
 बेसब्र तू न बन ,सांसे जो भगी ,
तेरे भी है, पत्ते हाथ में ,तेरा भी वक़्त आएगा।

माया है ये,  तू न पाए, समझ  यह
दिखता  है कुछ और  सुनाता  फर्क यह.


सच में ताकत है ऐसी  ,रोक न पाए कोई भी 
आंधी  तूफान से जा टकराये, जाने हैं यह सभी ,
गरजें है ऐसे की सागर  हिले है ,
पटके हैं पैर जैसे  धरती फटे है
यह है शुरुआत ,अब आयी घडी मुकाबले की।

माया है ये,  तू न पाए, समझ  यह
दिखता  है कुछ और  सुनाता  फर्क यह.





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