रविवार, 31 जुलाई 2016

अहसास 19 - जीवन


किसको पता है  क्या  ,किसको खबर है ,
जीवन है खेल एक ,हर पल जबर है
कल की  फिकर कैसी ,जो होगा होयेगा ,
यारो के संग जीना , क्या कोई खोयगा

चलना है रीत यहाँ , चलना पड़ेगा ,
सुख दुख को मिल बाँट रहना पड़ेगा ,
जीने का रंग ढंग बदल अब ,जिधर  है।
जीवन है खेल एक ,हर पल जबर है

छींटे है प्यार के यह , होली इनसे खेल ले  ,
 गुलाल इनका बना ,जिंदगी में घोल ले ,
रंगीन कर ले सभी  , आज जो इधर है।
जीवन है खेल एक ,हर पल जबर है.

किसको पता है क्या   किसको खबर है ,
जीवन है खेल एक ,हर पल जबर है
कल की  फिकर कैसी ,जो होगा होयेगा ,
यारो के संग जीना , क्या कोई खोयगा


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