बजतें हैं ढोल ताशे ,महके हैं शोर खासे ,
दिल में उमंगें है लाई ,
ढोलक है धड़क धड़क , फिरके मन फडक फडक ,
खुशियों की घडी है आई ,
रोक न तू खुद को आज ,नाचता रह सारी रात ,
उठ के बिगुल तू बजा ,
दीवानों सा है लगे ,कहता जो कहता रहे,
शरमों हया बेच खाई।
बजतें हैं ढोल ताशे ,महके हैं शोर खासे ,
दिल में उमंगें है लाई।
गाये ,गाये जा तू , किसको न किसकी पड़ी ,
सोचे इतना तू क्यों , खुशियों की है फुलझड़ी ,
घूमें- नाचे- कूदे ,करना है जो भी तू कर ,
फूटे खुशियां ऐसे, पटाखों की जो लड़ी
धरती हिला दे आज ,सबको दिखा दे आज ,
चकरी है ऐसी घुमाई
ढोलक है धड़क धड़क , फिरके मन फडक फडक ,
खुशियों की घडी है आई ,
बजतें हैं ढोल ताशे ,महके हैं शोर खासे ,
दिल में उमंगें है लाई ,
ढोलक है धड़क धड़क , फिरके मन फडक फडक ,
खुशियों की घडी है आई ,
रोक न तू खुद को आज ,नाचता रह सारी रात ,
उठ के बिगुल तू बजा ,
दीवानों सा है लगे ,कहता जो कहता रहे,
शरमों हया बेच खाई
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